हरिद्वार: श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह:श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन श्रीकृष्ण-रुक्मणि विवाह हुआ
हरिद्वार: दिनांक 6 अगस्त श्री मद् सेवा सत्कर्म परिवार के तत्वाधान में अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) के पावन अवसर पर गंगा मैया के तट भारत माता मंदिर, समन्वय सेवा ट्रस्ट हरिद्वार में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के षष्ठम दिवस पर परम पूज्य भगवताचार्य सुरेशचंद्र जी पंड्या ने भगवान का मथुरा प्रस्थान, कंस वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, उद्धव-गोपी संवाद, द्वारका की स्थापना, रुक्मणी विवाह के प्रसंग का संगीतमय भावपूर्ण पाठ किया।
भारत माता मंदिर, समन्वय सेवा ट्रस्ट हरिद्वार में पिछले 6 दिनों से चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का हुआ। भागवत कथा के व्यास पीठ पर कथावाचक भगवताचार्य सुरेशचंद्र जी पंड्या ने पंच अध्याय का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि महारास में पांच अध्याय हैं। उनमें गाये जाने वाले पंच गीत, भागवत के पंच प्राण हैं, जो भी ठाकुरजी के इन पांच गीतों को भाव से गाता है। वह भव पार हो जाता है। उसे वृंदावन की भक्ति सहज प्राप्त हो जाती हैं। महाराज ने कथा में भगवान का मथुरा प्रस्थान, कंस वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, उद्धव-गोपी संवाद, द्वारका की स्थापना, रुक्मणी विवाह के प्रसंग का संगीतमय भावपूर्ण पाठ किया। आस्था और विश्वास के साथ भगवत प्राप्ति आवश्यक हैं। भगवत प्राप्ति के लिए निश्चय और परिश्रम भी जरूरी हैं। भगवान श्रीकृष्ण रुक्मणी के विवाह की झांकी ने सभी को खूब आनंदित किया। कथा के दौरान भक्तिमय संगीत ने श्रोताओं को आनंद से परिपूर्ण किया। कथावाचक ने भागवत कथा के महत्व को बताते हुए कहा कि जो भक्त प्रेमी कृष्ण-रुक्मणी के विवाह उत्सव में शामिल होते हैं उनकी वैवाहिक समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाती हैं। कथा वाचक ने कहा कि जीव परमात्मा का अंश हैं।
षष्ठम दिवस के मुख्य यजमानश्री- स्व.नाथीबेन रणछोड़दास स्वामी,स्व.रणछोड़दास भवानभाई स्वामी (पाटण) की स्मृति में श्री मफतलाल रणछोड़दास प्रजापति, श्री मति हसुमतीबेन भाईजीभाई प्रजापति, पिनाकिनभाई, शैलेशभाई, पल्लवीबेन एवं समस्त परिवार (डीसा), गुजरात।
इस कथा का लाइव प्रसारण A-one imagine TV चैनल द्वारा भारत सहित 126 देशी में किया जा रहा है। साथ ही सोशल मीडिया यूट्यूब, फेसबुक के द्वारा भी प्रसारण हो रहा है।
































