हरिद्वार: प्रभु से बढ़कर कोई और सुख और सम्पदा नहीं, भागवत कथा श्रवण करने वालों का सदैव होता है कल्याण
हरिद्वार : दिनांक 06 अगस्त श्री मद् सेवा सत्कर्म परिवार द्वारा आयोजित पवित्र श्रावण मास कृष्ण जन्माष्टमी पावन दिवस श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव अंतर्गत देवभूमि हरिद्वार में श्रीमद् भागवत कथा पूज्य गुरुदेव भागवताचार्य सुरेशचंद्रजी पंड्या के मुखारविंद से दिनांक 5 सितंबर से 11 सितंबर, सुबह 8 बजे से 12 बजे तक, कथा स्थल भारत माता मंदिर के पास, कच्छी आश्रम, हरिद्वार में चल रही भागवत में कथा वाचक ने भागवत में कथा में अमर कथा और शुकदेवजी के जन्म का वृतांत का विस्तार से वर्णन किया गया। कथा में द्वितीय दिवस को भगवान गणेश और व्यासजी की झांकी सजाई गई।
कथा की शुरुआत करते हुए महाराज जी ने कहा कि आप सब पर ठाकुर जी की कृपा है। जिसकी वजह से आप आज कथा का आनंद ले रहे है। श्रीमद भगवत कथा का रसपान कर पा रहें हैं क्योंकि जिन्हें गोविन्द प्रदान करते है जितना प्रदान करते है उसे उतना ही मिलता है। कथा में यह भी बताया की अगर आप भागवत कथा सुनकर कुछ पाना चाहते हैं, कुछ सीखना चाहते है तो कथा में प्यासे बन कर आए, कुछ सीखने के उद्देश्य से, कुछ पाने के उद्देश्य से आएं, तो ये भागवत कथा जरूर आपको कुछ नहीं बल्कि बहुत कुछ देगी।
मनुष्य जीवन विषय वस्तु को भोगने के लिए नहीं मिला है, लेकिन आज का मानव भगवान की भक्ति को छोड़ विषय वस्तु को भोगने में लगा हुआ है। उसका सारा ध्यान संसारिक विषयों को भोगने में ही लगा हुआ है। मानव जीवन का उद्देश्य कृष्ण प्राप्ति शाश्वत है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन का उद्देश्य कृष्ण को पाकर ही जीवन छोड़ना है और अगर हम ये दृढ़ निश्चय कर लेंगे कि हमें जीवन में कृष्ण को पाना ही है तो हमारे लिए इससे प्रभु से बढ़कर कोई और सुख, संपत्ति या सम्पदा नहीं है।
भगवत कथा के समय स्वयं श्रीकृष्ण आपसे मिलने आए हैं। जो भी इस भागवत के तट पर आकर विराजमान हो जाता है, भागवत उसका सदैव कल्याण करती है। उन्होंने कहा कि बिना जाति और बिना मजहब देखे इनसे आप जो मांगे ये आपको वो मनवांछित फल देती है और अगर कोई कुछ न मांगे तो उसे मोक्ष परियन्त तक की यात्रा कराती है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
कथा के मुख्य यजमान: श्री राधा कृष्ण मंडल, मुम्बई दहिसर वैशाली नगर है।
इस कथा का लाइव प्रसारण A-one imagine TV चैनल द्वारा भारत सहित 126 देशों में किया जा रहा है। साथ ही सोशल मीडिया यूट्यूब, फेसबुक के द्वारा भी प्रसारण हो रहा है।

