हरिद्वार: संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा:भागवत कथा में सुनाया गोवर्धन पूजा का महत्व
हरिद्वार : दिनांक 09 सितंबर श्री मद् सेवा सत्कर्म परिवार द्वारा आयोजित पवित्र श्रावण मास कृष्ण जन्माष्टमी पावन दिवस श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ महोत्सव अंतर्गत देवभूमि हरिद्वार में श्रीमद् भागवत कथा पूज्य गुरुदेव भागवताचार्य सुरेशचंद्रजी पंड्या के मुखारविंद से दिनांक 5 सितंबर से 11 सितंबर, भारत माता मंदिर के पास, कच्छी आश्रम, हरिद्वार में चल रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के पंचम दिवस कथा में सुनाया गोवर्धन पूजा का महत्व सुनाया
पंचम दिवस की कथा में कथा वाचक भागवताचार्य सुरेशचंद्रजी पंड्या ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया और गोवर्धन पूजा का महत्व बताया। महाराज जी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाओं में कंस के भेजे विभिन्न राक्षसों का संहार किया। कथा में गिरिराज पर्वत की झांकी सजाई गई।
श्रद्धालुओं ने गोवर्धन जी का पूजन कर गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा की। उन्होंने कहा कि इंद्र को अपनी सत्ता और शक्ति पर घमंड हो गया था। उसका घमंड दूर करने के लिए भगवान ने ब्रज में इंद्र की पूजा बंद कर गोवर्धन की पूजा शुरू करा दी। इससे गुस्साए इंद्र ने ब्रजमंडल पर भारी बारिश कराई।
प्रलय से लोगों को बचाने के लिए भगवान ने कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। सात दिनों के बाद इंद्र को अपनी भूल का अहसास हुआ। कथा के दौरान गोवर्धन पूजन का उत्सव उल्लास के साथ मनाया गया। संगीतमय कथा के दौरान भजनों पर कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
कथा के मुख्य यजमान: श्री राधा कृष्ण मंडल, मुम्बई दहिसर वैशाली नगर है।
इस कथा का लाइव प्रसारण A-one imagine TV चैनल द्वारा भारत सहित 126 देशों में किया जा रहा है। साथ ही सोशल मीडिया यूट्यूब, फेसबुक के द्वारा भी प्रसारण हो रहा है।

