हरिद्वार: भागवत कथा में सुनाया श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह प्रसंग, श्रद्धालुओं ने की पुष्पवर्षा
हरिद्वार : दिनांक 10 सितंबर श्री मद् सेवा सत्कर्म परिवार द्वारा आयोजित पवित्र श्रावण मास कृष्ण जन्माष्टमी पावन दिवस श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ महोत्सव अंतर्गत देवभूमि हरिद्वार में श्रीमद् भागवत कथा पूज्य गुरुदेव भागवताचार्य सुरेशचंद्रजी पंड्या के मुखारविंद से दिनांक 5 सितंबर से 11 सितंबर, भारत माता मंदिर के पास, कच्छी आश्रम, हरिद्वार में चल रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ में कथा वाचक ने षष्ठम दिवस श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह प्रसंग सुनाया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह को एकाग्रता से सुना। श्रीकृष्ण-रुक्मणि का वेश धारण किए कलाकारों पर भारी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
हरिद्वार कच्छी आश्रम में चल रही सप्तम दिवसीय श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठवें दिन की कथा में व्यास पूज्य गुरुदेव भागवताचार्य सुरेशचंद्रजी पंड्या ने विभिन्न प्रसंगों पर प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि रुक्मणी विदर्भ देश के राजा भीष्म की पुत्री और साक्षात लक्ष्मी जी का अवतार थी। रुक्मणी ने जब देवर्षि नारद के मुख से श्रीकृष्ण के रूप, सौंदर्य एवं गुणों की प्रशंसा सुनी तो उसने मन ही मन श्रीकृष्ण से विवाह करने का निश्चय किया। रुक्मणी का बड़ा भाई रुक्मी श्रीकृष्ण से शत्रुता रखता था और अपनी बहन का विवाह चेदिनरेश राजा दमघोष के पुत्र शिशुपाल से कराना चाहता था। रुक्मणी को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने एक ब्राह्मण संदेशवाहक द्वारा श्रीकृष्ण के पास अपना परिणय संदेश भिजवाया। तब श्रीकृष्ण विदर्भ देश की नगरी कुंडीनपुर पहुंचे और वहां बारात लेकर आए शिशुपाल व उसके मित्र राजाओं शाल्व, जरासंध, दंतवक्त्र, विदु रथ और पौंडरक को युद्ध में परास्त करके रुक्मणी का उनकी इच्छा से हरण कर लाए। वे द्वारिकापुरी आ ही रहे थे कि उनका मार्ग रुक्मी ने रोक लिया और कृष्ण को युद्ध के लिए ललकारा। तब युद्ध में श्रीकृष्ण व बलराम ने रुक्मी को पराजित करके दंडित किया। तत्पश्चात श्रीकृष्ण ने द्वारिका में अपने संबंधियों के समक्ष रुक्मणी से विवाह किया।
कथा के मुख्य यजमान: श्री राधा कृष्ण मंडल, मुम्बई दहिसर वैशाली नगर है।
इस कथा का लाइव प्रसारण A-one imagine चैनल द्वारा भारत सहित 126 देशों में किया जा रहा है। साथ ही सोशल मीडिया यूट्यूब, फेसबुक के द्वारा भी प्रसारण हो रहा है।

